Saturday, October 10, 2026

राज्य विज्ञान संगोष्ठी–2026: भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047: संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ

   देहरादून, 10 अक्टूबर 2026। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखंड ने ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047: संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ’ विषय पर राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी–2026 आयोजित की। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास और भारत की भावी ऊर्जा जरूरतों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। राज्य के सभी 13 जनपदों से प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त कक्षा 8 से 10 तक के 25 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और गुरु वंदना से हुआ। 

निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड बंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक एससीईआरटी  पदमेन्द्र सकलानी, उपनिदेशक विनोद सिंह मटूडा, सहायक निदेशक डॉ के.एन. बिजल्वाण और निर्णायक मंडल के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित किया। निर्णायक मंडल में कैलाश चंद्र, पूर्व शिक्षा अधिकारी,राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ,नई दिल्ली, राकेश जुगराण,सेवानिवृत प्राचार्य डायट और डॉ. दिनेश रतूड़ी,सेवानिवृत्ति प्रवक्ता, एससीईआरटी शामिल रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा समन्वयक डॉ. देवराज सिंह राणा ने प्रस्तुत की जबकि संचालन प्रवक्ता गोपाल घुघत्याल ने किया। 

ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास पर विद्यार्थियों के विचार

    विद्यार्थियों ने सौर, जलविद्युत, पवन और परमाणु ऊर्जा सहित विभिन्न ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं पर पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के संदर्भ में गाड़-गदेरों के जलप्रवाह से लघु जलविद्युत परियोजनाओं के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के सुझाव भी दिए गए।

विद्यार्थियों ने ऊर्जा से जुड़े रोजगार और आजीविका संबंधी मुद्दों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कौशल विकास, वैकल्पिक रोजगार और न्यायसंगत ऊर्जा की आवश्यकता बताई। प्रस्तुतियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता स्पष्ट दिखाई दी।

मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर

   विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी चर्चा हुई। श्रीमती बंदना गर्ब्याल ने कहा कि बच्चों का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगिता के दबाव के बजाय अपनी क्षमताओं के अनुरूप श्रेष्ठ प्रयास करने और शिक्षकों से संवेदनशील एवं सहयोगी वातावरण बनाने का आग्रह किया।

एससीईआरटी की प्रवक्ता प्रिया गुसाईं ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच पर आधारित गतिविधियाँ आयोजित कीं।

उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन 

    निर्णायक मंडल ने विषयवस्तु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और विषय की समझ के आधार पर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। निर्णायक मंडल द्वारा प्रथम प्रतिभा रावत जे॰एस॰एन एस एन एम इंटर कॉलेज गैरसैंण चमोली, द्वितीय आरवी कंसवाल ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल टिहरी गढ़वाल तथा तृतीय स्थान लक्ष्मी भट्ट सराफ़ पब्लिक स्कूल खटीमा उधम सिंह नगर एवं सभी प्रतिभागियो को प्रमाणपत्र, मेडल, पुस्तक और सहायक सामग्री देकर पुरस्कृत किया एवं अन्य को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर प्रमाण पत्र दिए गए। कार्यक्रम में डॉ. नमिता भंडारी, डॉ.हिमानी थापा, रमेश बडोनी, डॉ संजय भट्ट, डॉ कपिल देव सेमवाल , राजकुमार,  सिद्धार्थ कुमार मार्गदर्शक शिक्षक तथा अभिभावक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।