Monday, October 05, 2026

Report: CLAP Digital Program: डिजिटल साक्षरता से सशक्त हो रहे उत्तराखण्ड के विद्यार्थी-2026

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SARD एवं SCERT Uttarakhand की संयुक्त पहल से विद्यालयों में तकनीक आधारित सीखने को मिल रही नई दिशा

देहरादून, सितम्बर 2026। बदलते तकनीकी युग में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें डिजिटल दुनिया से जोड़ना समय की आवश्यकता बन गया है। इसी दिशा में Continued Learning Access Project (CLAP) के अंतर्गत संचालित CLAP Digital Program उत्तराखण्ड के विद्यालयी विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता विकसित करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ रहा है।

यह कार्यक्रम SARD और SCERT Uttarakhand की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों, डिजिटल संसाधनों तथा इंटरैक्टिव शैक्षिक सामग्री के माध्यम से सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक डिजिटल कौशल, आत्मविश्वास और तकनीक के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर केंद्रित है। 

तकनीक के माध्यम से सीखने का नया अनुभव

CLAP Digital Program केवल विद्यार्थियों को कंप्यूटर अथवा डिजिटल डिवाइस से परिचित कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य तकनीक को Teaching-Learning Process का प्रभावी हिस्सा बनाना है। डिजिटल संसाधनों के उपयोग से विद्यार्थियों में Creativity, Critical Thinking, Problem Solving और Self-Directed Learning जैसी क्षमताओं को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विद्यार्थी कक्षा और पाठ्यपुस्तक से आगे बढ़कर स्वयं खोजने, समझने और सीखने के लिए प्रेरित होते हैं। 

सितम्बर 2026 के दौरान CLAP गतिविधियां प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक विभिन्न विद्यालयों में संचालित की गईं। इनमें Primary Nehrugram, Primary Vani Vihar, Primary Garhwali Colony, Primary Kandoli, Primary Nanoorkheda, Primary/Junior Sundarwala, Junior Kandoli, GIC Nalapani तथा High School Vani Vihar जैसे विद्यालय शामिल रहे। महीने भर की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षा 3 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षण सत्र आयोजित किए गए। 

गणित, विज्ञान और अंग्रेजी को डिजिटल माध्यम से समझने का अवसर

कार्यक्रम की विशेषता यह है कि डिजिटल तकनीक को सीधे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है। प्राथमिक स्तर पर बच्चों ने Measurements, Addition, Subtraction, Parts and Wholes, Multiples and Factors, Mapping जैसे गणितीय विषयों के साथ Word Reading, Action Words, Spelling, Common Genders तथा Has/Have जैसी अंग्रेजी गतिविधियों का अभ्यास किया। 

उच्च कक्षाओं में डिजिटल माध्यम से Data Handling, Perimeter and Area, Simple Equations, Comparing Quantities, Squares and Square Roots तथा Linear Equations जैसे गणितीय विषयों को समझाया गया। विज्ञान में Separation of Substances, Plants, Electric Current, Friction, Atoms and Molecules तथा Life Processes जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अध्ययन किया। 

रिपोर्ट में शामिल तस्वीरें भी इस बदलाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं—कक्षाओं में विद्यार्थी व्यक्तिगत अथवा साझा लैपटॉप पर सक्रिय रूप से डिजिटल शिक्षण सामग्री के साथ कार्य करते दिखाई देते हैं। इससे पारंपरिक कक्षा को अधिक interactive और learner-centred environment में बदलने की संभावना दिखाई देती है।

विद्यालयों में उत्साहजनक सहभागिता

सितम्बर माह की रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न विद्यालयों में नामांकित CLAP विद्यार्थियों की सहभागिता उत्साहजनक रही। Primary Nanoorkheda में लगभग 69.5%, Garhwali Colony में 68%, Sundarwala में 66%, Junior Kandoli में 65.5%, Primary Kandoli में 64.3%, Nehrugram में 64%, GIC Nalapani में 62.6% तथा Primary Vani Vihar में लगभग 62% विद्यार्थियों ने सत्रों में भाग लिया। 

Government High School Vani Vihar में लगभग 48% सहभागिता दर्ज की गई, जहां कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों ने Linear Equations, Lines and Angles, Polynomials, Atoms and Molecules, Animal Tissues, Carbon and Its Compounds तथा Life Processes जैसे विषयों पर डिजिटल माध्यम से अध्ययन किया। 

चुनौतियों की पहचान भी जरूरी

कार्यक्रम के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय परिस्थितियों का प्रभाव भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार Primary Ladpur में विद्यालय भवन के नवीनीकरण तथा पर्याप्त बैठने की व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण सितम्बर माह में CLAP कक्षाएं आयोजित नहीं हो सकीं। रिपोर्ट में अगले माह भी वाहन भ्रमण प्रभावित होने की संभावना का उल्लेख किया गया है। REPORT CLAP_Uttarakhand Sep-2026

यह तथ्य महत्वपूर्ण है क्योंकि डिजिटल शिक्षा की सफलता केवल तकनीक उपलब्ध कराने पर निर्भर नहीं करती; विद्यालयी आधारभूत संरचना, बैठने की व्यवस्था, नियमित पहुंच और विद्यार्थियों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक हैं।

अक्टूबर में और आगे बढ़ेगा डिजिटल अधिगम

CLAP ने अक्टूबर 2026 के लिए भी कक्षा-वार शैक्षिक योजना तैयार की है। प्राथमिक स्तर पर Multiplication, Measurements, Reading Practice, Patterns, Mapping और Tenths & Hundredths जैसे विषय शामिल हैं। Junior High School स्तर पर Whole Numbers, Integers, Motion, Plants, Lines and Angles, Fractions, Respiration, Practical Geometry तथा Metals and Non-metals पर कार्य प्रस्तावित है। 

कक्षा 9 और 10 के लिए Triangles, Quadrilaterals, Force and Laws of Motion, Fundamental Unit of Life, Quadratic Equations, Control and Coordination तथा Reproduction जैसे विषय अक्टूबर की योजना का हिस्सा हैं। 

डिजिटल समानता की दिशा में एक सार्थक प्रयास

CLAP Digital Program का महत्व इस बात में है कि यह विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने के साथ technology-enabled learning का वास्तविक अनुभव प्रदान कर रहा है। विद्यालय स्तर पर नियमित डिजिटल अभ्यास बच्चों को भविष्य की शिक्षा, कौशल और डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

SARD और SCERT Uttarakhand की यह संयुक्त पहल डिजिटल साक्षरता को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि तकनीक तभी सार्थक है, जब वह प्रत्येक बच्चे के सीखने, समझने, खोजने और आगे बढ़ने के अवसरों को विस्तृत करे। REPORT CLAP_Uttarakhand Sep-2026