शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए तैयार होगा सड़क सुरक्षा एवं जीवन कौशल आधारित डिजिटल कोर्स; ₹5.18 लाख के CSR सहयोग से DIKSHA, LMS, Mission Karmayogi और PM eVidya जैसे प्लेटफॉर्मों के माध्यम से व्यापक प्रसार की योजना
देहरादून, 15 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को केवल यातायात नियमों तक सीमित न रखते हुए इसे विद्यालयी शिक्षा, नैतिक व्यवहार, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में SCERT उत्तराखंड और Honda India Foundation (HIF) के बीच 14 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding–MoU) हस्ताक्षरित किया गया।
इस समझौते के अंतर्गत उत्तराखंड के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए सड़क सुरक्षा और जीवन कौशल पर आधारित एक व्यापक ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित सड़क व्यवहार, यातायात नियमों, वाहन संबंधी सावधानियों, दुर्घटनाओं से बचाव और जिम्मेदार नागरिक आचरण के प्रति जागरूक बनाना है।
इस महत्वपूर्ण समझौते में SCERT उत्तराखंड की ओर से अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी की प्रमुख भूमिका रही। पाठ्यक्रम विकास एवं तकनीकी समन्वय की प्रक्रिया में SCERT के आईटी विभाग की तकनीकी टीम तथा प्रवक्ता रमेश प्रसाद बडोनी सहित संबंधित विशेषज्ञों की सहभागिता रही। Honda India Foundation की ओर से संस्था के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहयोग प्रदान किया।
सड़क सुरक्षा: शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण विषय
सड़क दुर्घटनाएँ केवल यातायात व्यवस्था से संबंधित समस्या नहीं हैं, बल्कि ये मानव जीवन, परिवार, समाज और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर चुनौती हैं। विशेष रूप से विद्यालयी विद्यार्थियों एवं युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम, सुरक्षित यातायात व्यवहार तथा जनजागरूकता को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में विद्यालयी शिक्षा के माध्यम से सड़क सुरक्षा को विद्यार्थियों के व्यवहार और जीवन कौशल से जोड़ना एक प्रभावी प्रयास हो सकता है।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में संकरी सड़कें, घुमावदार मार्ग, ढलान, मौसम संबंधी चुनौतियाँ और यातायात के विविध जोखिम सड़क सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए SCERT उत्तराखंड ने Honda India Foundation के साथ मिलकर एक ऐसे डिजिटल पाठ्यक्रम के विकास की पहल की है, जिसके माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों में सुरक्षित एवं जिम्मेदार सड़क व्यवहार की समझ विकसित की जा सके।
पहले चरण में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन कोर्स, दूसरे चरण में विद्यार्थियों के लिए पायलटिंग
इस पहल के अंतर्गत प्रथम चरण में उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए सड़क सुरक्षा एवं जीवन कौशल पर आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विषयों की व्यापक जानकारी देना तथा उन्हें विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात व्यवहार सिखाने के लिए सक्षम बनाना है।
इसके पश्चात विद्यार्थियों के लिए आयु एवं कक्षा स्तर के अनुरूप डिजिटल शिक्षण मॉड्यूल विकसित कर उनकी पायलटिंग की जाएगी। पायलटिंग के दौरान शिक्षण सामग्री की प्रभावशीलता, विद्यार्थियों की समझ, अधिगम परिणामों और व्यवहारगत परिवर्तन का अध्ययन किया जाएगा।
प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों के आधार पर पाठ्यक्रम को और अधिक उपयोगी बनाकर राज्य के विद्यालयों में व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है।
ऑनलाइन पाठ्यक्रम में शामिल होंगे सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण विषय
प्रस्तावित पाठ्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा विषय विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम के सहयोग से विकसित की जाएगी। इसमें निम्नलिखित प्रमुख विषयों को शामिल करने की योजना है:
- सड़क सुरक्षा का परिचय: सड़क सुरक्षा का महत्व, दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण और जीवन रक्षा के उपाय।
- यातायात नियम एवं संकेत: ट्रैफिक सिग्नल, सड़क चिह्न, यातायात संकेतक और आवश्यक कानूनी प्रावधानों की जानकारी।
- सुरक्षित पैदल यातायात: सड़क पार करने के नियम, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित व्यवहार।
- वाहन सुरक्षा: दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों में सुरक्षा उपाय, हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित यात्रा संबंधी सावधानियाँ।
- रैश ड्राइविंग और जोखिमपूर्ण व्यवहार से बचाव: तेज गति, लापरवाही, मोबाइल फोन के उपयोग और असुरक्षित वाहन संचालन के दुष्परिणाम।
- नैतिक एवं जिम्मेदार सड़क व्यवहार: अन्य वाहन चालकों, पैदल यात्रियों, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार।
- आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित प्रतिक्रिया: दुर्घटना की स्थिति में सहायता प्राप्त करना, आपातकालीन सेवाओं की जानकारी और व्यक्तिगत सुरक्षा।
- विद्यालय आधारित सड़क सुरक्षा गतिविधियाँ: क्विज, केस स्टडी, वीडियो, गतिविधियाँ और जागरूकता अभियान।
इस प्रकार पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्म-अनुशासन, निर्णय क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी होगा।
CSR सहयोग से विकसित होंगे डिजिटल शिक्षण संसाधन
समझौता ज्ञापन के अनुसार Honda India Foundation द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत वित्तीय सहयोग निर्धारित किया जा सकता है। इस सहयोग का उपयोग डिजिटल रोड सेफ्टी लर्निंग मॉड्यूल के विकास, वीडियो सामग्री के शैक्षिक रूपांतरण, तकनीकी सेवाओं तथा ऑनलाइन पाठ्यक्रम के निर्माण एवं प्रसार से संबंधित निर्धारित कार्यों में किया जाएगा।
Honda India Foundation द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित वीडियो, स्क्रिप्ट और आयु-वर्ग आधारित शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। SCERT उत्तराखंड इन संसाधनों की शैक्षिक समीक्षा, पाठ्यचर्या के अनुरूप अनुकूलन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाएगा। इस साझेदारी में शैक्षिक गुणवत्ता, सामग्री की उपयुक्तता, डिजिटल सुरक्षा और विद्यार्थियों की गोपनीयता का भी ध्यान रखा जाएगा।
DIKSHA, LMS, Mission Karmayogi और PM eVidya के माध्यम से प्रसार की योजना
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल माध्यमों के जरिए पाठ्यक्रम को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना है।
समझौते में SCERT के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, DIKSHA और PM eVidya के माध्यम से डिजिटल सड़क सुरक्षा सामग्री के प्रसार का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य की कार्ययोजना में उत्तराखंड के LMS पोर्टल तथा भारत सरकार के Mission Karmayogi जैसे उपयुक्त प्रशिक्षण प्लेटफॉर्मों पर भी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की संभावनाएँ शामिल हैं।
प्रस्तावित डिजिटल प्रसार व्यवस्था के अंतर्गत:
- SCERT उत्तराखंड LMS पोर्टल: शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण, स्व-अध्ययन एवं पाठ्यक्रम पूर्णता की सुविधा।
- DIKSHA पोर्टल: डिजिटल शैक्षिक सामग्री, गतिविधियाँ एवं इंटरैक्टिव मॉड्यूल उपलब्ध कराना।
- Mission Karmayogi: आवश्यक अनुमोदन एवं तकनीकी अनुकूलता के आधार पर संबंधित कार्मिकों के प्रशिक्षण हेतु पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की संभावना।
- PM eVidya चैनल: सड़क सुरक्षा पर आधारित वीडियो शृंखला एवं जागरूकता कार्यक्रमों का प्रसारण।
- अन्य डिजिटल माध्यम: विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समुदाय तक सड़क सुरक्षा संदेश पहुँचाना।
इस प्रकार सड़क सुरक्षा शिक्षा को केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित रखने के बजाय डिजिटल तकनीक के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान का रूप देने की परिकल्पना की गई है।
विद्यालयी पाठ्यचर्या और जीवन कौशल शिक्षा से जोड़ने की पहल
समझौते में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF-SE 2023) तथा राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के अनुरूप सड़क सुरक्षा शिक्षा को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सड़क सुरक्षा केवल एक विषयगत जानकारी नहीं, बल्कि जीवन रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कौशल है। इसलिए इसे विद्यालयी पाठ्यचर्या, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों, जीवन कौशल शिक्षा और व्यवहारगत प्रशिक्षण से जोड़ने की आवश्यकता है।
समझौते में पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाणपत्र को भविष्य में क्रेडिट आधारित जीवन कौशल मॉड्यूल के रूप में मान्यता देने की संभावनाओं का अध्ययन करने का भी प्रावधान है।
इससे विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके सीखने को औपचारिक पहचान देने की दिशा में भी अवसर विकसित हो सकते हैं। SCERT उत्तराखंड द्वारा पूर्व में संचालित UK e-Srijan MOOCs, आईसीटी आधारित शिक्षक प्रशिक्षण, AI सक्षम शिक्षण-अधिगम, डिजिटल ई-कंटेंट विकास और ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्राप्त अनुभव इस नई पहल के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
आईटी विभाग द्वारा विकसित डिजिटल प्रशिक्षण एवं ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्थाओं के अनुभव का उपयोग सड़क सुरक्षा पाठ्यक्रम के तकनीकी विकास, सामग्री के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन मूल्यांकन और प्रमाणन की योजना में किया जा सकेगा।
इस पहल के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण को सीधे विद्यार्थियों की जीवन सुरक्षा और सामाजिक व्यवहार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
SCERT उत्तराखंड और Honda India Foundation के मध्य हुए इस समझौते में SCERT के अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी तथा Honda India Foundation के ट्रस्टी विनय धींगरा (Vinay Dhingra) हस्ताक्षरकर्ता रहे। Honda India Foundation की ओर से कॉर्पोरेट अफेयर्स से जुड़े अधिकारी प्रभु नागराज एवं धुर्व गोस्वामी भी साक्षी के रूप में उपस्थित रहे। इस पहल के तकनीकी एवं शैक्षिक समन्वय में SCERT उत्तराखंड के आईटी विभाग की टीम से प्रवक्ता पुष्पा असवाल तथा प्रवक्ता रमेश प्रसाद बडोनी सहित संबंधित अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों की सहभागिता रही।
समझौता ज्ञापन 14 अक्टूबर 2026 से 22 सितंबर 2029 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में निर्धारित दायित्वों एवं परस्पर सहयोग के आधार पर डिजिटल पाठ्यक्रम विकास तथा संबंधित शैक्षिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
सुरक्षित समाज की दिशा में कदम
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक विद्यार्थी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। यदि विद्यालय स्तर से ही बच्चों को यातायात नियमों, सुरक्षित व्यवहार, जोखिमों की पहचान और दूसरों के जीवन के प्रति संवेदनशीलता की शिक्षा दी जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रयासों को सामाजिक स्तर पर मजबूती मिल सकती है।
SCERT उत्तराखंड और Honda India Foundation की यह साझेदारी शिक्षा, तकनीक और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
इस पहल का दीर्घकालिक उद्देश्य ऐसे शिक्षकों और विद्यार्थियों को तैयार करना है, जो स्वयं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपने परिवार, विद्यालय तथा समुदाय में भी सुरक्षित यातायात व्यवहार को प्रोत्साहित करें।
सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं के जीवन और दूसरों की सुरक्षा के प्रति नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है।
SCERT उत्तराखंड की यह पहल इसी विचार को शिक्षा के माध्यम से व्यवहार में उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


