Monday, September 28, 2026

SCERTs/SIEs Directors’ Annual Conference 2026-27 का NCERT में शुभारंभ

 

राज्यों की श्रेष्ठ शैक्षिक पहलों से साझा सीख की ओर—उत्तराखण्ड के e-Srijan MOOCs और डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल की राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति

नई दिल्ली, 28 सितम्बर 2026।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के तत्वावधान में Department of Teacher Education द्वारा 28 से 30 सितम्बर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय “Annual Conference of Directors of SCERTs & SIEs 2026-27” का शुभारंभ NCERT परिसर, नई दिल्ली में हुआ। देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के SCERTs और SIEs के निदेशकों एवं प्रतिनिधियों की सहभागिता वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन राज्यों के अनुभवों, नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के साथ-साथ भविष्य में SCERT/SIE की भूमिका को अधिक सशक्त, शोध-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

सम्मेलन के Concept Note में SCERTs/SIEs को राज्यों की शिक्षा व्यवस्था की academic and research arms के रूप में रेखांकित किया गया है। इनके दायित्वों में राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय नीतियों का क्रियान्वयन, पाठ्यचर्या निर्माण, शैक्षिक अनुसंधान तथा DIETs, BRCs और CRCs जैसी संस्थाओं को अकादमिक मार्गदर्शन देना शामिल है। NEP 2020 के संदर्भ में SCERTs/SIEs को Centres of Excellence तथा तकनीक-सक्षम, शोध-आधारित शैक्षिक संस्थानों के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

उद्घाटन सत्र: राज्यों तक राष्ट्रीय पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

सम्मेलन का शुभारंभ NCERT के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी तथा NCERT-CIETके जॉइन्ट डायरेक्टर अमरेन्द्र बेहरा और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में प्रो. शारदा सिन्हा ने नोडल एवं समन्वयक के रूप में सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्य, प्रमुख एजेंडा तथा आगामी तीन दिनों में किए जाने वाले विचार-विमर्श की विस्तृत जानकारी साझा की।

इस दौरान विशेष रूप से Teacher Education, Continuous Professional Development (CPD), institutional capacity building, digital transformation, curriculum, assessment, research और State-specific Implementation Framework जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

अपने संबोधन में NCERT निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने राज्यों के प्रतिनिधियों से राष्ट्रीय स्तर पर विकसित शैक्षिक कार्यक्रमों एवं पहलों को केवल राज्य स्तर तक सीमित न रखकर जिलों, ब्लॉकों और विद्यालयों तक प्रभावी रूप से पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थाओं के बीच सहयोग तथा योजनाओं के वास्तविक धरातल पर क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।


कार्यक्रम की आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार पहले दिन का विषय “Welcome, Reflection & Shared Priorities” रखा गया। उद्घाटन एवं Agenda Setting के बाद दोपहर 2:00 से 5:00 बजे तक राज्यों के अनुभवों पर आधारित Interactive Panel Discussion निर्धारित किया गया, जबकि दिन का समापन Reflection एवं Wrap-up के साथ होना है। DocScanner 28 Sept 2026 21-09

राज्यों की Best Practices बनीं सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण

सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसे केवल व्याख्यान या औपचारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रखकर peer learning और State-to-State learning का मंच बनाया गया।

विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को समूहों में विभाजित किया गया और प्रत्येक समूह में लगभग पाँच-छह राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सम्मिलित करते हुए Interactive Panel Discussion आयोजित किया गया। इसमें प्रत्येक राज्य ने अपने यहाँ लागू की गई ऐसी प्रमुख शैक्षिक पहल प्रस्तुत की, जिसने किसी चुनौती के समाधान, शिक्षक क्षमता संवर्धन, डिजिटल शिक्षा, पाठ्यचर्या, मूल्यांकन अथवा विद्यार्थी अधिगम में उल्लेखनीय योगदान दिया है। पंजाब के बरनाला जनपद के डाइट प्राचार्य डॉ मु नीष शर्मा ने बताया कि कैसे पंजाब  परख एवं पी जी आई इंडेक्स मे सर्वश्रेष्ठ रहा जो एक टीम और निरंतर मेंटोरींग के कारण हुआ है । 

संलग्न समूह सूची में West Bengal, Meghalaya, Jharkhand, Punjab, Tripura, Arunachal Pradesh; Chandigarh, Uttarakhand, Manipur, Kerala, Andaman & Nicobar Islands, Delhi; Jammu & Kashmir, Sikkim, Haryana, Assam, Telangana, Maharashtra; Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Goa, Odisha, Mizoram, Uttar Pradesh; तथा Rajasthan, Karnataka, Gujarat, Lakshadweep और Andhra Pradesh सहित विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अलग-अलग समूहों में रखा गया।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी एक मॉडल को सभी राज्यों पर लागू करने के बजाय “What works, where and why?” के आधार पर राज्यों को एक-दूसरे के वास्तविक अनुभवों से सीखने का अवसर देना रहा।

देशभर से सामने आईं विविध और अभिनव पहलें

Conference Concept Note में राज्यों से प्राप्त पहलों के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण भी दर्ज किए गए हैं। इनमें Kerala में AI-responsive science curriculum redesign, Rajasthan का Khushi Shala teacher and student wellbeing programme, Jammu & Kashmir का SCERT on Wheels, Chhattisgarh का multilingual education programme, Karnataka का Learning Outcome-based Assessment तथा Arunachal Pradesh में स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित पाठ्यपुस्तकें शामिल हैं। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

Concept Note में राज्यों की पहलों के विश्लेषण से कुछ साझा चुनौतियाँ भी सामने आई हैं—विशेषकर teacher capacity/readiness, support at scale, local language/context, data integrity, documentation, stakeholder buy-in, coordination, time/workload, funding/resources, technology/infrastructure/connectivity तथा scaling-up। इस प्रकार सम्मेलन केवल सफलताओं के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि उन वास्तविक चुनौतियों पर सामूहिक समाधान खोजने का प्रयास भी है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखण्ड की विशेष प्रस्तुति: e-Srijan MOOCs बना आकर्षण

Interactive Panel Discussion में SCERT उत्तराखण्ड की ओर से राज्य की प्रमुख डिजिटल एवं शिक्षक क्षमता संवर्धन पहलों की प्रस्तुति निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, बंदना गर्ब्याल द्वारा दी गई।

प्रस्तुति में विशेष रूप से Massive Open Online Courses (MOOCs), e-Srijan आधारित डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था तथा ऑनलाइन माध्यम से बड़े पैमाने पर शिक्षकों के Continuous Professional Development की जानकारी साझा की गई।


उत्तराखण्ड की पहल का महत्व इस दृष्टि से भी उल्लेखनीय रहा कि राज्य ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण को केवल सीमित संख्या में शिक्षकों तक पहुँचाने के बजाय उसे large-scale, structured and self-paced professional learning model के रूप में विकसित करने का प्रयास किया है।

महत्वपूर्ण रूप से, सम्मेलन के आधिकारिक Concept Note में भी Uttarakhand के e-Srijan MOOC को उदाहरण के रूप में विशेष स्थान दिया गया है। दस्तावेज में डिजिटल और AI-आधारित दुनिया के अनुरूप pedagogy को पुनर्विचार करने के संदर्भ में उल्लेख है कि Uttarakhand का e-Srijan MOOC दूरस्थ पहाड़ी जिलों के शिक्षकों तक structured, self-paced professional learning पहुँचाता है, जहाँ अन्यथा ऐसे अवसरों की उपलब्धता सीमित हो सकती है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

यह उल्लेख उत्तराखण्ड के डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर साझा की जा रही उल्लेखनीय प्रथाओं में स्थान देता है।

e-Srijan के Outcomes और Global Recognition पर भी चर्चा

निदेशक अकादमिक द्वारा प्रस्तुति में केवल कार्यक्रम की संरचना ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े outcomes, बड़े स्तर पर शिक्षक सहभागिता, डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण की पहुँच और मॉडल को मिली व्यापक पहचान पर भी प्रकाश डाला गया।

इसी क्रम में उत्तराखण्ड की इस पहल को हाल में प्राप्त SKOCH Gold Award 2026 का भी सम्मेलन में उल्लेख हुआ। प्रो. शारदा सिन्हा द्वारा उत्तराखण्ड की उपलब्धि का उल्लेख किए जाने पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने राज्य के प्रयासों की सराहना करते हुए SCERT उत्तराखण्ड को शुभकामनाएँ दीं।

इस उपलब्धि ने इस तथ्य को और रेखांकित किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य केवल ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षक प्रशिक्षण को scalable, accessible, measurable और sustainable CPD ecosystem में बदलना होना चाहिए।

NEP 2020 और SARTHAQ 2.0 के अनुरूप SCERTs/SIEs की बदलती भूमिका

Conference Concept Note के अनुसार NEP 2020 SCERTs/SIEs को राज्य स्तर पर curriculum leadership, teacher education एवं CPD, competency-based assessment, technology integration, multilingualism, local culture तथा educational research में नेतृत्वकारी भूमिका प्रदान करती है।

इसी दिशा में SARTHAQ 2.0 के अंतर्गत SCERTs/SIEs के लिए Foundational Literacy and Numeracy, State Curriculum Frameworks, Quality Assessment and Assurance, systematic teacher capacity building तथा monitoring एवं benchmarking जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट जिम्मेदारियाँ निर्धारित करने की बात सामने आती है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

इसलिए सम्मेलन का मूल प्रश्न केवल यह नहीं है कि राज्यों ने अब तक क्या किया, बल्कि यह भी है कि—

“अब SCERTs/SIEs भविष्य में राज्य की शैक्षिक व्यवस्था के परिवर्तनकारी academic leadership institutions कैसे बनें?”

सम्मेलन की तीन दिवसीय संरचना भी इसी उद्देश्य को स्पष्ट करती है।

28 सितम्बर—Day 1: Welcome, Reflection & Shared Priorities
पहले दिन राज्यों की उपलब्धियों, अनुभवों, चुनौतियों एवं Best Practices को साझा करने पर केंद्रित संवाद रखा गया है। DocScanner 28 Sept 2026 21-09

29 सितम्बर—Day 2: Shared Experiences
दूसरे दिन NCERT के विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ Panel Discussions होंगे। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए Pradhanmantri Sangrahalaya का Field Visit निर्धारित है और शाम को NCERT निदेशक की ओर से आयोजित रात्रिभोज के साथ संवाद आगे बढ़ेगा। DocScanner 28 Sept 2026 21-09

30 सितम्बर—Day 3: Implementation
सम्मेलन का अंतिम दिन सबसे महत्वपूर्ण रूप से “Developing State-specific Implementation Framework” पर केंद्रित रहेगा। प्रतिभागी pairs में कार्य करेंगे, प्रमुख निष्कर्ष एवं takeaways साझा करेंगे और अंत में Valedictory Session आयोजित होगा। DocScanner 28 Sept 2026 21-09

इस प्रकार सम्मेलन की संरचना स्पष्ट रूप से Reflection → Sharing → Collaboration → Implementation की दिशा में आगे बढ़ती है।

सम्मेलन के Concept Note में भविष्य की परिकल्पना SCERTs/SIEs को ऐसे Centres of Excellence में परिवर्तित करने की है जहाँ शिक्षक एवं शिक्षाविद् research, reflection, innovation और collective professional growth में सक्रिय रूप से भाग लें।

इसके लिए NISHTHA जैसी capacity-building initiatives, मजबूत पुस्तकालय एवं knowledge resources तथा DIKSHA, NDLI और SWAYAM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी महत्वपूर्ण माना गया है। सम्मेलन के अपेक्षित परिणामों में SCERTs/SIEs को मजबूत करने के लिए साझा राष्ट्रीय framework, राज्यों की Best Practices का documented compendium, State-specific Implementation Frameworks तथा राज्यों के बीच सहयोग के लिए मजबूत National NCERT-SCERT/SIE Excellence Network (NSEN) विकसित करना शामिल है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय सम्मेलन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि देश के अलग-अलग भौगोलिक, भाषाई, सामाजिक और तकनीकी परिवेश वाले राज्यों को पहली बार या अलग-अलग स्तर पर सामने आने वाली समस्याएँ अक्सर एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। किसी राज्य की सफल पहल दूसरे राज्य के लिए हूबहू मॉडल न भी बने, तो भी वह नई सोच, समाधान और क्रियान्वयन की दिशा अवश्य प्रदान कर सकती है।

यही कारण है कि सम्मेलन में केवल समस्याओं की सूची तैयार करने के बजाय राज्यों द्वारा वास्तव में किए गए कार्यों, उनके अनुभवों और उनके परिणामों को केंद्र में रखा गया है। Concept Note भी स्पष्ट करता है कि इस वर्ष का उद्देश्य चुनौतियों की चर्चा से आगे बढ़कर राज्यों ने वास्तव में क्या बनाया और लागू किया है, उसे साझा करना और उस साझा सीख को State-specific plans में परिवर्तित करना है। DocScanner 28 Sept 2026 21-13

SCERT उत्तराखण्ड के लिए यह सम्मेलन अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के साथ-साथ अन्य राज्यों के नवाचारों से सीखने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष रूप से e-Srijan MOOCs के माध्यम से बड़े स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल CPD और दूरस्थ क्षेत्रों तक professional learning पहुँचाने के राज्य के प्रयास का Conference Concept Note में स्थान मिलना इस पहल की उपयोगिता को रेखांकित करता है।

अब सम्मेलन के अगले दो दिनों में होने वाले साझा विमर्श, NCERT विभागाध्यक्षों के साथ संवाद तथा State-specific Implementation Framework तैयार करने की प्रक्रिया से यह अपेक्षा है कि विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाएँ केवल प्रस्तुतियों तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य, जिला, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर ठोस शैक्षिक परिवर्तन का आधार बनें।