सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा; 810 शिक्षकों के माध्यम से 20 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचेगा सड़क सुरक्षा का संदेश।
दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर | 27 अक्टूबर 2026
एससीईआरटी उत्तराखंड के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के अंतर्गत अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स कार्यशाला का सफल समापन हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के डायट प्रतिनिधियों एवं शिक्षकों ने सड़क सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, गोल्डन आवर तथा नेक नागरिक (Good Samaritan) की भूमिका पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
810 शिक्षक करेंगे 20 हजार विद्यार्थियों को जागरूक
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से लगभग 810 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे 20 हजार विद्यार्थियों को यातायात नियमों, हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूक करेंगे।
गोल्डन आवर में मदद से बच सकती है जान
कार्यशाला में बताया गया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती महत्वपूर्ण समय में त्वरित चिकित्सा सहायता जीवनरक्षक हो सकती है। भारत सरकार की PM-RAHAT योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निर्धारित शर्तों के अनुसार अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नेक नागरिकों को कानूनी संरक्षण एवं सम्मान देने की व्यवस्था भी है।
परिवहन अधिकारियों ने प्रदान किए प्रमाणपत्र
समापन अवसर पर आरटीओ हल्द्वानी अरविंद पांडेय एवं एआरटीओ ऊधमसिंह नगर नवीन सिंह ने यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन एवं दुर्घटना से बचाव की जानकारी दी तथा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाणपत्र प्रदान किए। कार्यशाला के सफल आयोजन में एससीईआरटी के अखिलेश डोभाल एवं संजय भट्ट का विशेष योगदान रहा।
कार्यशाला का मुख्य संदेश रहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है।
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